सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

थर्स्टीन वेबलनी के ' दृष्टि आर्कषण उपभोग के नियम tharstin vebalni ke Drashti akarshan upbhog ke niyam

 

थर्स्टीन वेबलनी के  ' दृष्टि  आर्कषण उपभोग के नियम  '

              ' दृष्टि आर्कषण उपभोग के नियम  '

          यह नियम उस पद्धति की ओर संकेत करता है। जिसके अनुसार धनी विलासी-वर्ग दूसरों को दिखाने के लिए अपने धन की आवश्यकता से अधिक खर्च करते हैं। इस प्रकार का खर्च धन अपव्यय या बर्बादी ही होता है।

tharstin vebalni ke Drashti akarshan upbhog ke niyam


कुछ भी हो, धनी विलासी-वर्ग अपने धन का प्रदर्शन भोजन, पोशाक , निवास स्थानफर्नीचर आदि पर अधिकाधिक व्यय और उनके आवश्यक उपभोग के दूब करते हैं। इस प्रकार का उपभोग दूसरों की दृष्टि को आकर्षित करता है और उसका परिणाम यह होता है कि दूसरों की निगाहों में इस प्रकार का उपभोग करने वालों की प्रतिष्ठा बढ़ जाती है। दृष्टि –आकर्षक उपभोग का एक प्रधान उद्देश्य अपने सम्मान को बढ़ाना होता है। मनमानी वस्तुओं का उपभोग स्वयं ही सम्मान का द्योतक होता है। साथ ही, उच्कोटि के आभूषणों और सामाजिक वस्तुओं, सजावट की चीजों के वस्त्र आदि के उपभोग के द्वारा न केवल दूसरों की दृष्टि आर्कषण की जाती है, बल्कि उसके आत्मसम्मान और सामाजिक सम्मान दोनो ही बढ़ते हैं। दृष्टि आर्कषण उपभोग का सिद्धांत आधुनिक युग के सामान्य नियमों की ओर संकेत करता है।  






टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मुस्लिम विवाह कितने प्रकार के होते है muslim vivah kitne prakar ke hote hai

मुस्लिम विवाह कितने प्रकार के होते है  muslim vivah kitne prakar ke hote hai विवाह एक समझौते के रूप में,  मुस्लिम समाज में विवाह एक सामाजिक और धार्मिक प्रतिबद्धता है, न कि धार्मिक प्रतिबद्धता है, न कि एक धार्मिक संस्कार।  मुस्लिम विवाह निकाह कहलाता है जिसका अर्थ होता है- नर - नारी का विषयी समागम।   कपाड़िया के अनुसार -   "इस्लाम में विवाह एक अनुबंध है जिसमें दो गवाहों के हस्ताक्षर होते हैं। इस अनुबंध का प्रतिफल अर्थात 'मेहर' वधु को दी जाती हैं। '    शादी एक अस्थायी बंधन है। विवाह बंधन की प्रकृति के आधार पर मुस्लिम विवाह तीन प्रकार के होते हैं -  1. निकाह या वैध विवाह: -   यह विवाह पूर्ण रीति-रिवाजों और विधि - विधानो के अनुसार किया जाता है। सभी प्रतिबंधो और शर्तों का पालन किया जाता है। पति पत्नी की स्वतंत्र रूप से सहमति से निकाह किया जाता है। यह विवाह सर्वाधिक प्रचलित विवाह है।  सुन्नियों में केवल यही एकमात्र विवाह है। 2. मुताह विवाह: -  जब महिला- पुरुषों के आपसी सहमति से एक निश्चित और विशेष अवधि के लिए वैवाहिक बंधन में बंधे है।...

दुल्हन का मेकअप केसे करते हैं dulhan ka makeup kaise karte hain

  दुल्हन का मेकअप केसे करते हैं   dulhan ka makeup kaise karte hain      नमस्ते दोस्तो आज हम दुल्हन का मेकअप केसे करते है यह सीखेगे  विवाह के दिन मेकअप आरम्भ करने से पूर्ण  साड़ी के साथ का ब्लाउज, पेटीकोट पहन ले। ये खराब न होने पाए इसके लिए ऊपर से हाउस कोट पहनना सही रहेगा। सबसे पहले उबटन लगा कर नहा ले। नहाने के पानी में कुछ परफ्युम की बुदे डालने से पूर्ण संपूर्ण  शरीर सुगंधित हो उठेगा। त्वचा  को मुलायम तोलिये से पोछकर टेलकम पाउडर लगाएं।  इससे पसीना नहीं आयेगा। इसके बाद फाउंडेशन को गर्दन से ऊपर की ओर लगाना शुरू करे। फाउंडेशन को बालो, कानों और माथे की रेेेखा  तक लगाये। अब गालों के ऊपरी भाग पर ब्रश द्वारा रूज लगाकर धीरे - धीरे नीचे की ओर मलना चाहिए। रूज लगाने के पश्चात् चेहरे पर फेस पाउडर लगना चाहिए। यदि अपनी भोहें हल्की है तो इन्हे आइब्रो पैंसिल द्वारा गहरा कर ले। पलकों के साथ - साथ बारीक ब्रश द्वारा आइलाइनर लगाए। बाद में दुल्हन के वस्त्रों के अनुसार पलको पर आइशैडो जचता है। इसके अतिरिक्त हरा और सुनहरा आइशैडो भी लगा सकते हैं। होठो...

समिति का अर्थ परिभाषा और विशेषताएं samiti ka arth paribhasha or visheshta

  समिति का अर्थ परिभाष और विशेषताएं     समिति का अर्थ (Association) - जहां केवल एक ही आवश्यकता की पूर्ति होती है उसे समिति कहते हैं।                        परिभाषाएं -  1. मैकाइवर एवं पेज -                                 समिति मनुष्यों का एक समूह है जिसे किसी सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघटित किया जाता है।  2. बोगर्डस  -  सामान्यत: किसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मिलकर कार्य करना समिति है । विशेषताएं -  1.  मनुष्य व्यक्तियों का समूह है -                                                 समिति तब बनती है, जब कि जबकि अनेक व्यक्ति मिलकर किसी हित की प्राप्ति के लिए परस्पर संगठित होना आवश्यक मानते हैं। इस उद्देश्य से प्रेरित होकर जिस समूह का वे निर्माण करते है, उसे समिति कहते...