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jaatiwad ka arth Paribhasha or visheshataye जातिवाद का अर्थ परिभाषा और विशेषताएं

jaatiwad ka arth Paribhasha or visheshataye  जातिवाद का अर्थ परिभाषा और विशेषताएं जातीवाद का अर्थ -   जातिवाद जाति प्रथा से ही संबंधित एक गंभीर समस्या है हर जाति में संगठन पाए जाते हैं जिसका कार्य अपनी जाति को सुविधा प्रदान करना है और जाति के हितों की रक्षा करना है और अन्य जाति के हितों की अनदेखी करने लगते हैं और अपनी हैं। ही जाति के सदस्यों को उच्च स्थानो पर प्रगतिशीलत करने का प्रयास करते हैं और पदों में भी अपनी ही जाति के लोगों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने का प्रयत्न करे तो इसे हम जातिवाद कहेगे।  अत: स्पष्ट है कि जातिवाद अपनी जाति के प्रति घनिष्ठता की भावना है जिसके आधार पर जाति का उत्थान किया जाता है अत: स्पष्ट है कि जातिवाद अपनी जाति के प्रति घनिष्ठता की भावना है जिसके आधार पर जाति का उत्थान किया जाता हैं     जातिवाद की परिभाषा -   1. काका कालेलकर के अनुसार - "जातिवाद एक अबाधित अंध और सर्वोच्च समूह भक्ति है जो कि न्याय, ओचित्य, समानता और विश्व बंधुत्व की उपेक्षा करता है।" जातिवाद की विशेषताएं     1. भावनाओं का केंद्रीकरण - जात...

Dahej nirodhak adhiniyam 1961 दहेज निरोधक अधिनियम 1961

 Dahej nirodhak adhiniyam 1961 दहेज निरोधक अधिनियम 1961    अर्थ - हमारे समाज की वैवाहिक समस्याओं में दहेज प्रथा की समस्या का रूप भी बहुत गंभीर है।                     दहेज निरोधक अधिनियम 1961  इस समय के समाधन हेतु 8 मई,1961को संसद के संयुक्त      अधिवेशन में निरोधक बिल' रखा गया। इस अधिनियम की भाषा तथा उद्देश्य ऐसे हैं जो हिंदुओं एवं दूसरे सभी संप्रदायों पर लागू होते हैं इसके द्वारा लड़के अथवा लड़की के विवाह को स्वीकृति के रूप में सभी तरह के दहेज लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। विशेषताएं -    1. " विवाह के पहले या बाद में विवाह की एक शर्ट के रूप में एक पक्षीय व्यक्ति द्वारा दूसरे पक्ष की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दी गई कोई भी संपत्ति अमूल्य वस्तु रहे कहीं जाएगी।"   2.  विवाह के अवसर पर भेंट के रूप में दी जाने वाली नकद, रकम, आभूषण, वस्त्र अथवा अन्य वस्तुओं के को 'दहेज' नहीं माना जाएगा।   3. अगर कोई व्यक्ति दहेज देता अथवा लेता है या इस कार्य में मदद करता...

समिति का अर्थ परिभाषा और विशेषताएं samiti ka arth paribhasha or visheshta

  समिति का अर्थ परिभाष और विशेषताएं     समिति का अर्थ (Association) - जहां केवल एक ही आवश्यकता की पूर्ति होती है उसे समिति कहते हैं।                        परिभाषाएं -  1. मैकाइवर एवं पेज -                                 समिति मनुष्यों का एक समूह है जिसे किसी सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघटित किया जाता है।  2. बोगर्डस  -  सामान्यत: किसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मिलकर कार्य करना समिति है । विशेषताएं -  1.  मनुष्य व्यक्तियों का समूह है -                                                 समिति तब बनती है, जब कि जबकि अनेक व्यक्ति मिलकर किसी हित की प्राप्ति के लिए परस्पर संगठित होना आवश्यक मानते हैं। इस उद्देश्य से प्रेरित होकर जिस समूह का वे निर्माण करते है, उसे समिति कहते...

वर्ग व्यवस्था का अर्थ परिभाषा और विशेषताएं varg vyavstha ka artha paribhasha visheshataye

वर्ग व्यवस्था का अर्थ परिभाषा और विशेषताएं 

विवाह का अर्थ परिभाषा और प्रकार vivaha ka artha paribhasha or Parkar

विवाह का अर्थ परिभाषा और प्रकार  vivaha ka artha paribhasha or Parkar विवाह का अर्थ - ' उद्वह ' अर्थात वघू के घर ले जाना । विवाह एक संस्था है । लूसी मेयर - विवाह वह है जिसमें स्त्री - पुरुष का ऐसा योग है,जिसमें स्त्री से जन्मा बच्चा माता- पिता की वैध संतान माना जाए" इस परिभाषा में विवाह को स्त्री व पुरुष के ऐसे संबंधों के रूप में स्वीकार किया गया है जो संतानों को जन्म देते हैं,उन्हें वैध घोषित करते हैं तथा इसके फलस्वरूप माता-पिता एवं बच्चों को समाज में कुछ अधिकार एवं प्रस्थितियांं प्राप्त होती हैं।  विवाह  परिभाषाएं 1. डब्ल्यू.एच.आर.रिवर्स के अनुसार - " जिन साधनो द्वारा मानव समाज यौन संबंधों का नियमन करता है, उन्हें विवाह की संज्ञा भी दी जा सकती है " 2. बोगार्ड्स के अनुसार - "विवाह स्त्री और पुरुष के पारिवारिक जीवन में प्रवेश करने की एक संस्था है  1. ब्रह्म विवाह _ यह विवाह सभी प्रकार के विवाहों में श्रेष्ठ     मान जाता है। मनु ने ब्रह्म विवाह को परिभाषित करते हुए लिखा है  । "वेदों में ज्ञाता शीलवार वर को स्वयं बुल...

जाति jaati

जाति किसे कहते है अर्थ परिभाषा और विशेषता  Jaati kise kahate hai artha paribhasha or visheshata।                                       जाति   जाति -  जाति जात: संस्कृति के शब्द से बना है।             जात: का अर्थ है उत्पन्न होना या पैदा होने से है  परिभाषा   1. मजूमदार एवं मदाम - जाति एक बंद वर्ग है   2. कुले - वर्ग जब पूर्णतया वंशानुक्रम अनुवांशिकता पर          आधारित होता है उसे हम जाति कहते हैं ।   इस परिभाषाओं से यह स्पष्ट है कि - कि जाति एक ऐसा सामाजिक समूह है, जिसकी सदस्यता जन्म पर आधारित है और जो अपने सदस्यों पर खान - पान, विवाह - पेशा और सामाजिक सहवास सम्बन्धी अनेक प्रतिबन्ध लागू करती है । जाति की विशेषताएं -   1. समाज का खंडनात्मक विभाजन - एक जाति के सदस्यों की सामुदायिक भावना संपूर्ण समुदाय के प्रति न होकर अपनी ही जाति तक सीमित होती है ।  प्रत्येक जाति की एक जात...

धर्म Dharm

धर्म का अर्थ परिभाषा और विशेषता Dharm ka artha paribhasha  or visheshata धर्म -         धर्म  धृ  धातु  से निकला है  जिसका अर्थ है धारण करना। धर्म वह है जो हमारे जीवन के उद्देश्यों को स्पष्ट करता है, शरीर, मन और आत्मा को पवित्र बनाता है दैनिक क्रियाओं का संचालन और  सामाजिक  संबंधों का निर्धारण करता है और सामाजिक कार्यों का बोध करता है।  उसे धर्म कहते हैं। परिभाषा - 1. टायलर - धर्म अलौकिक की शक्ति विश्वास है। 2. महर्षि कणद - जिससे अभ्युदय (उन्नति) और नि: श्रेयस ((कल्याण) कि सिद्धि हो, उसे धर्म कहता  है। धर्म की विशेषताएं   1. धर्म अलौकिक शक्ति में विश्वास है।  2. धर्म के साथ और पवित्रता  और अपवित्रता की आस्था होती है।  3.धर्म आस्था है और धर्म में तर्क का कोई स्थान नहीं है।   4. धर्म में भय का समावेश होता है।  5. धर्म में स्वर्ग नर्क की धारणा होती है।  6. धर्म ग्रंथों की व्याख्या होती है।  7. धर्म के साथ श्रेष्ठ का भाव जुड़ा होता है।        ...